Submitted by Admin-team on 3 January, 2009 - 00:58
| शीर्षक | प्रतिसाद |
|---|---|
| स्वयेश्री प्रोफेसर पाहती ( स्वरचित विडंबन कविता) Suresh_khedkar | 1 |
| मेघ नसता, वीज नसता, रोड बिघडू लागले प्रसाद शिर | 6 |
| छानशी बायको मिळु दे........ vinayakg | 3 |
| +व उत्तर vinayakg | |
| "राज"द्रोह malhaari | |
| मराठी दणका ..... Kishore R. Mundhe | 5 |
| घडाळ्यात बारा वाजले . ShantanuG | |
| हुशार बायको Kishore R. Mundhe | 1 |
| मुलुंडकरांच्या मनातली भावना (मोनाच्या सहकार्याने) यशवर्धन | 6 |
| कुत्र malhaari | 2 |
| प्रतीउपदेश martand | 3 |
| स्लेजिंगवाल्या प्राण्यांची देवा | 18 |
| आचार्य प्रल्हाद केशव अत्रे यांच्या हास्यकथा P_vibha | 2 |