Submitted by Admin-team on 3 January, 2009 - 00:57
| शीर्षक | प्रतिसाद |
|---|---|
| मिठी VivekTatke | |
| आनन्दाचा पत्ता VivekTatke | 1 |
| दु:खाश्रू..... kalpana_053 | |
| छानशी बायको मिळु दे ! शब्दमेघ | 2 |
| अधीर श्वासांची मधुशाला sachinkakade | |
| स्वप्नं.. poojas | 4 |
| कुणी हा रंगाचा असा बाजार केला? sachinkakade | 1 |
| संकोच coolKetan | 1 |
| कविता vinayakg | 1 |
| नोकरांना जात कुठली, धर्म कुठला शेटजी प्रसाद शिर | 17 |
| वाटा....!!!! vicky_ahire | 4 |
| आकशातील मी घन काळा शब्दमेघ | 2 |
| गुंड लोकांचे... प्रसाद शिर | 9 |
| जीवन....... vinayakg | |
| आज फुलांची भाषा..... मानस६ | 7 |