कोलकाता

गंगासागर

Submitted by आरती on 28 November, 2011 - 09:57

Staten Island कडे जाणारी ती नारंगी रंगाची फेरी, आपल्या पोटात १५०० पेक्षा अधिक जीवांचे ओझे वागवून, काहीश्या अवघडलेल्या अवस्थेत पलीकडच्या किनाऱ्याकडे सरकताना, हडसनचा शहराच्या पसाऱ्यात घुसमटलेला प्रवाह, जणू या दिव्यातून पार पडण्याची शक्ती मिळावी म्हणून तिला गोंजारताना, जेंव्हा जेंव्हा मला माझ्या खिडकीतून दिसतो तेंव्हा तेंव्हा मला आठवण येते हुगळीच्या विस्तीर्ण पात्रात स्वताला झोकून देणाऱ्या 'त्या' फेरीची, जी विश्वासाने आणि निर्धास्त मानाने जणू आपल्या मातेच्या कुशीत झेपावत असते.

चंदेरी, इंदौरी, कोलकाता आणि येवल्याची -- डिजिटल आर्ट

Submitted by दिनेश. on 3 September, 2011 - 09:33

चंदेरी (कि माहेश्वरी)

कोलकाता

इंदौरी

गुलमोहर: 

अन्नं वै प्राणा: (८) - (१)

Posted
10 वर्ष ago
शेवटचा प्रतिसाद
9 वर्ष ago

ওগো, তুমি কোথা যাও কোন্‌ বিদেশে?
বারেক ভিড়াও তরী কূলেতে এসে।
যেয়ো যেথা যেতে চাও,
যারে খুশি তারে দাও—
শুধু তুমি নিয়ে যাও
ক্ষণিক হেসে
আমার সোনার ধান কূলেতে এসে॥ - সোনার তরী (রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর)

Oh to what foreign land do you sail?
Come to the bank and moor your boat for a while.
Go where you want to, give where you care to,
But come to the bank a moment, show your smile -
Take away my golden paddy when you sail. - The Golden Boat (Rabindranath Tagore)
प्रकार: 

Pages

Subscribe to RSS - कोलकाता