Submitted by Admin-team on 3 January, 2009 - 00:58
| शीर्षक | प्रतिसाद |
|---|---|
| एक उनाड दिवस प्रविणपा | 5 |
| मोका ऋयाम | 2 |
| ना ईश्वरास जमले... कौतुक शिरोडकर | 9 |
| माझी सत्वापरिक्षा vikrya | 12 |
| हव्यास तू कौतुक शिरोडकर | 8 |
| हे 'झाड' पाहिलस?? उमेश कोठीकर | 3 |
| गधड्या पुन्हा जहाल्या, चुका परिक्षेत या...... kalpana_053 | 1 |
| रिमोट कौतुक शिरोडकर | 4 |
| पुलं, निळा कोल्हा आणि.... जागोमोहनप्यारे | 15 |
| फराळ कौतुक शिरोडकर | 24 |
| उभी माझ्यात मधुमेही ही फळी kalpana_053 | |
| अक्काची वारी.. shashank pratapwar | 9 |
| विनोदी स्तंभ लेखन - पावलांचे सांगाती शशिकांत ओक | 4 |
| माझी पत्रिका, माझे ग्रह आणि लग्न- एक हसरी नजर येडाकाखुळा | 58 |
| ह्यांचा हसवण्याचा धंदा!!! प्रविणपा | 5 |