काज पांडुरंगाचे....
Submitted by पुरंदरे शशांक on 15 April, 2011 - 03:29
काज पांडुरंगाचे....
कटेवरी हात | विचाराल मात | पाहतसे वाट | भक्तांची मी ||
कुठे गेला ज्ञाना | नामाही दिसे ना | टाहो ऐकू ये ना | तुकयाचा ||
आता येथ सारी | गर्दीचीच वारी | नावा वारकरी | उरलासे ||
भक्तीचा जिव्हाळा | नामाचा उमाळा | सकळ लोपला | इये काळी ||
काय उरलेसे | काज ते कोणते | मजलागि निके | कळेचिना ||
परि कोपर्यात | दिसे कोणी गात | पूर्ण तो भावात | बुडालेला ||
असोनी आंधळा | भक्तिचा तो मळा | दिसे की फुलला | परिपूर्ण ||
होवोनी तल्लीन | गातसे भजन | पूर्ण एकतान | वांछाहीन ||
तोचि की एकला | दिठीवान भला | येर तो आंधळा | जन वाटे ||
गुलमोहर:
शब्दखुणा:
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