Submitted by Admin-team on 3 January, 2009 - 00:52
| शीर्षक | प्रतिसाद |
|---|---|
| फक्त माणूस म्हणून जगायची संधी मला मिळेल कधी? नानबा | 109 |
| दुस्तर हायझेनबर्ग | 64 |
| आठवांच्या रांगेत कौतुक शिरोडकर | 84 |
| नशिबाने आज थट्टा मांडली. suryakiran | 24 |
| हरवलेला षड्जं - ४ (जुन्या मायबोलीवर प्रकाशित) दाद | 28 |
| किंमत कधी कळ्णार gajanan moreshwar vaidya | 12 |
| मोठ्ठं झालं की... हायझेनबर्ग | 30 |
| रूबिक क्यूब आणि कृष्ण दाद | 54 |
| ग्रहण - भाग १ मुरारी | 27 |
| बिलंदर : भाग १ विशाल कुलकर्णी | 35 |
| बिलंदर : अंतीम विशाल कुलकर्णी | 77 |
| बोका - गुरव बोका है बेफ़िकीर | 17 |
| “खोल दो” : सआदत हसन मंटो : मराठी अनुवाद विशाल कुलकर्णी | 58 |
| मला खात्री आहे : अंतीम विशाल कुलकर्णी | 93 |
| संशयित- २ कौतुक शिरोडकर | 17 |