गुलमोहर - गेल्या ७२ तासातील लेखन : काव्यलेखन
| शीर्षक | लेखक | प्रतिसाद | शेवटचा प्रतिसाद |
|---|---|---|---|
| म्हणून रडलो..:स्वच्छंदी | 'स्वच्छंदी | 2 | 28 September, 2026 - 09:48 |
| गायत्री: मम मग्नं त्वयि ( गायत्री: तुझ्यात मग्न मी) | Meghvalli | 5 | 28 September, 2026 - 09:21 |
| वेळ यावी लागते : स्वच्छंदी | 'स्वच्छंदी | 3 | 28 September, 2026 - 08:21 |
| गायत्री: मम मग्नं त्वयि ( गायत्री: तुझ्यात मग्न मी) | Meghvalli | 28 September, 2026 - 04:20 | |
| कवडसा | Meghvalli | 5 | 28 September, 2026 - 03:58 |
| विसर्जन | vijaya kelkar | 5 | 28 September, 2026 - 00:26 |
| कौल | रानभुली | 2 | 27 September, 2026 - 04:17 |
| रंगागार | पुरंदरे शशांक | 4 | 27 September, 2026 - 02:07 |