याद

याद

Submitted by अतुलअस्मिता on 30 October, 2017 - 12:22

कवितेचे नाव: याद

वीज कडाडली अघोरी पाऊस

पिंपळ पाणावर घसरे तुषार

उतार पाण्याला की मनाला लहान

कोरड गडाडली का अवेळी तहान

आली जोरात जशी धरणफुटी

प्रसरून रंध्रात कशी पाझरली

उजाळून क्षण कशी भरली ओटी

आठवण तुझी तशी दाटून ओसरली

- अतुल चौधरी.
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