अपने होठों पर सजाना चाहता हूँ..

शीर्षक लेखक प्रतिसाद शेवटचा प्रतिसाद
मृत्युही गझलीय यावा.. (भावानुवाद - अपने होंठों पर सजाना चाहता हूँ..) लेखनाचा धागा रसप 2 Jan 14 2017 - 7:59pm